1991 में देर रात आए एक फोन कॉल ने न सिर्फ उनका पूरा जीवन को बदल दिया, बल्कि उन्हें दिग्गजों की कतार में ला खड़ा किया। जून 1991 में, मनमोहन सिंह को पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा राव के करीबी सहयोगी पीसी अलेक्जेंडर का देर रात फोन आया। उनके दामाद विजय तन्खा ने वो कॉल पिक किया और उन्हें मनमोहन को जगाने के लिए कहा गया