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Dehuli Massacre : 18 नवंबर, 1981 की शाम करीब 4:30 बजे, संतोष सिंह उर्फ संतोषा और राधेश्याम उर्फ राधे के नेतृत्व में 17 डकैतों का एक गिरोह देहुली गांव में घुसा। खाकी वर्दी में आए इन डकैतों ने दलित परिवारों को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत 24 लोगों की मौत हो गई