Mahakumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ 2025 की शुरुआत 13 जनवरी को हुई, जिसमें अब तक तीन अमृत स्नान हो चुके हैं। बसंत पंचमी के बाद नागा साधु लौटने लगे, लेकिन माघी पूर्णिमा (12 फरवरी) और महाशिवरात्रि (26 फरवरी) के स्नान बचे हुए हैं। अमृत स्नान मोक्ष प्रदान करता है, जबकि शेष स्नान भी पुण्यदायी और आध्यात्मिक रूप से शुभ माने जाते हैं