UP News: अवैध कब्जाधारी वक्फ बोर्ड की जमीनों पर दावा करने की भूख कम नहीं हो रही है। उसके काले कारनामों का लगातार खुलासा हो रहा है। एयरपोर्ट, संसद भवन और गांव पर दावा करने के बाद अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कई जमीनों पर अपना दावा किया है। वक्फ ने 250 साल पुराने शिव मंदिर पर भी दावा ठोक दिया है। इससे पहले दिल्ली के 6 मंदिरों पर भी वक्फ बोर्ड अपना मालिकाना हक होने का दावा कर चुका है।
ये पूरा मामला लखनऊ के सादतगंज का है, जहां वक्फ बोर्ड ने लाल शिवालय कुबड़े बाबा मंदिर पर अपना दावा किया है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर करीब 250 साल पुराना है, लेकिन आठ साल पहले 2016 में कागजों में इस शिवालय को वक्फ बोर्ड ने अपनी संपत्ति घोषित कर दिया। 2016 में इस मंदिर के आस पास की जमीन को मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा अंसारी को बेचा गया था। जिसके बाद यहां प्लाटिंग भी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पर मंदिर था, मंदिर है और रहेगा। ये पूरा मामला फिलहाल कोर्ट में है।
‘वक्फ बोर्ड की जमीन पर बना है संसद भवन…’
ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के चीफ और असम के जमीयत उलेमा प्रमुख मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने चौंकाने वाला दावा किया है। अजमल ने दावा किया है संसद भवन वक्फ बोर्ड की जमीन पर बना हुआ है। मौलाना बदरुद्दीन अजमल यहीं नहीं रुके उन्होंने यहां तक दावा किया कि आवाजें उठ रही हैं और दुनिया भर में वक्फ संपत्तियों की एक सूची सामने आई है संसद भवन, आसपास के क्षेत्र, वसंत विहार के आसपास के क्षेत्रों से लेकर हवाई अड्डे तक का निर्माण वक्फ संपत्ति पर किया गया है।
गांव पर ही ठोक दिया अपना दावा
बिहार के पटना में तो वक्फ ने गांव पर ही अपनी दावा ठोक दिया था। गोविंदपुर गांव पर वक्फ ने अपना दावा ठोकते हुए 30 दिन में घर खाली करने का नोटिस दिया था। इस गांव में 90% हिंदू और 10% मुस्लिम हैं। वक्फ ने गांव की जमीन पर 2023 में पहली बार दावा किया था। वक्फ के दावे के बाद पटना DM ने ग्रामीणों को जमीन छोड़ने के आदेश जारी कर दिए थे। इसके बाद ग्रामीणों ने RTI लगाई तो जवाब नहीं मिला। ग्रामीणों ने फिर से RTI लगाई तो अधूरा जवाब मिला।
वक्फ ने दावा किया था कि 1959 में जमीन रजिस्ट्री कराई है। लेकिन वक्फ को नहीं पता कि किसने जमीन दान की है। RTI में दान देने वाले का कॉलम खाली था। इसके बाद ग्रामीण मामले को लेकर हाई कोर्ट पहुंचे। 7 ग्रामीणों ने पटना हाई कोर्ट में याचिका लगाई। 1910 से जमीन के दस्तावेज दिखाए गए। इसके बाद हाई कोर्ट ने दस्तावेज देखकर स्टे लगाया।
दुनिया के 50 देशों से ज्यादा प्रॉपर्टी
वक्फ की संपत्ति तेजी से बढ़ी है। साल 2009 में वक्फ बोर्ड की संपत्ति 4 लाख एकड़ जमीन पर फैली थी यानि 13 साल में वक्फ बोर्ड की संपत्ति दोगुना से भी ज्यादा हो गई। वक्फ बोर्ड के पास इतनी ज्यादा प्रॉपर्टी है कि दिल्ली जैसे 3 बड़े शहर बसा सकते हैं। दुनिया के 50 देशों से ज्यादा प्रॉपर्टी वक्फ बोर्ड के पास है।
मालदीव का एरिया 75 हजार एकड़सिंगापुर का क्षेत्रफल 1.80 लाख एकड़बहरीन का एरिया 1.90 लाख एकड़हॉन्गकॉन्ग का एरिया 2.75 लाख एकड़डेनमार्क का क्षेत्रफल 3.45 लाख एकड़फिनलैंड का क्षेत्रफल 3.90 लाख एकड़मॉरीशस का एरिया 5 लाख एकड़
वक्फ बोर्ड के पास 10 लाख एकड़ जमीन
अकूत संपत्ति और कब्जों को लेकर वक्फ बोर्ड विवादों में रहा है। वक्फ के पास इतनी ज्यादा संपत्तियां हैं कि आप जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे। देश में रेलवे और सेना के बाद वक्फ बोर्ड के पास सबसे ज्यादा संपत्ति है। यानि वक्फ बोर्ड देश में तीसरा सबसे ज्यादा जमीन का मालिक है। वक्फ बोर्ड के पास करीब 10 लाख एकड़ जमीन है। जबकि सेना की संपत्तियां 18 लाख एकड़ जमीन पर हैं और रेलवे की संपत्ति 12 लाख एकड़ जमीन पर फैली हैं।
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