(खबरें अब आसान भाषा में)
प्रवर्तन निदेशालय ने ये कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत की है। आरोप है कि नोएडा के सेक्टर-119 स्थित इस परियोजना में कंपनी और उसके निदेशकों ने घर खरीदारों, निवेशकों और वित्तीय संस्थानों से लिए गए धन का दुरुपयोग किया