Delhi News: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) में चार नए गैर-आधिकारिक सदस्यों की नियुक्ति की, जिनमें कुलजीत सिंह चहल को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए उपाध्यक्ष नामित किया गया है। दिल्ली में सक्रिय राजनीति करने वाले कुलजीत चहल नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल के मेंबर रह चुके हैं। NDMC की बैठकों में वो अलग-अलग मुद्दों पर अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को जमकर घेरते थे।
कुलजीत चहल के साथ नई दिल्ली नगरपालिका परिषद में बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह, महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता तोमर और अनिल वाल्मीकि को NDMC का सदस्य बनाया गया है। कुलजीत चहल से पहले नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय थे। माना जा रहा है कि कुलजीत चहल की मेहनत और मुद्दों की समझ की वजह से उन्हें एनडीएमसी का उपाध्यक्ष बनाया गया है। कई बार अरविंद केजरीवाल असहज होकर बैठक बीच में छोड़कर भी गए हैं।
नमो ऐप के राष्ट्रीय संयोजक हैं कुलजीत
कुलजीत चहल ने सितंबर तक गैर-आधिकारिक सदस्य के रूप में काम किया है। वह बीजेपी के नमो ऐप के राष्ट्रीय संयोजक भी हैं। कुलजीत ऐसे मुद्दे उठाते रहे हैं जिसका सरोकार दिल्ली सरकार और अरविंद केजरीवाल से होता था। NDMC का सदस्य रहते हुए उन्होंने करीब 4500 अस्थाई कर्मियों को केंद्रीय गृह मंत्रालय से स्थाई कराया है।
IAS केशव चंद्र हैं NDMC के अध्यक्ष
आपको बतादें, नई दिल्ली के नागरिक मामलों के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार NDMC में एक अध्यक्ष, आधिकारिक सदस्य, गैर-आधिकारिक सदस्य और निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल हैं। गृह मंत्रालय इन व्यक्तियों की नियुक्ति करता है जिनमें से प्रत्येक का कार्यकाल पांच साल का होता है। गृह मंत्रालय ने हाल ही में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी केशव चंद्र को एनडीएमसी का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
परिषद के निर्वाचित सदस्यों में नई दिल्ली सीट से सांसद बांसुरी स्वराज, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री, नई दिल्ली के विधायक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली छावनी के विधायक वीरेंद्र सिंह कादियान शामिल हैं। नगर निकाय के पांच आधिकारिक सदस्यों में से चार को पिछले महीने नियुक्त किया गया था।
ये भी पढ़ें: लॉरेंस बिश्नोई को स्टार बनाकर टीशर्ट बेचने वाली कंपनियां बुरी फंसी, कई कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज