Kolkata News: कोलकाता के पुलिस कमिश्नर विनीय गोयल और डीसी नार्थ समेत दो स्वास्थ्य अधिकारियों को हटाए जाने के बाद भी जूनियर डॉक्टर्स काम पर नहीं लौटे हैं। बुधवार (18 सितंबर) को डॉक्टरों की बंगाल सरकार के अधिकारियों के साथ हुई दूसरे दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही। डॉक्टर्स इस बैठक से खुश नजर नहीं आए और उन्होंने काम पर लौटने से इनकार कर दिया।
‘नबन्ना’ में अधिकारियों और 30 जूनियर डॉक्टरों के बीच दूसरे दौर की बातचीत शाम करीब साढ़े सात बजे बैठक शुरू हुई। बैठक दो घंटे से अधिक समय तक चली। इससे पहले सोमवार (16 सितंबर) को सीएम ममता बनर्जी ने जूनियर डॉक्टर्स के साथ एक बैठक की थीं।
बैठक के नतीजे से खुश नहीं डॉक्टर्स
बीते दिन हुई बैठक के बाद हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों ने कहा कि सरकार उनसे कई बिंदुओं पर सहमत थी और उन्हें ‘मौखिक आश्वासन’ भी दिया, लेकिन उन्हें बैठक के विवरण नहीं दिए गए।
एक डॉक्टर ने कहा कि बैठक के दौरान हमने कई मुद्दों पर चर्चा की, लेकिन हमें बैठक के विवरण उपलब्ध नहीं कराए गए। मुख्य सचिव ने हमें मौखिक आश्वासन दिया है, लेकिन लिखित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। हमारा आंदोलन और ‘काम बंद’ जारी रहेगा। हम बैठक के नतीजे से खुश नहीं हैं।
जान लें कि पहले दौर की बातचीत के दौरान डॉक्टरों की मांग मानते हुए ममता सरकार ने पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल समेत कई अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया गया। विनीत गोयल की जगह मनोज वर्मा को कमिश्नर बनाया गया।
इन मांगों पर अड़े हैं डॉक्टर्स
अब डॉक्टर राज्य के हेल्थ सेक्रेटरी एनएस निगम को हटाने की मांग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि अस्पतालों में थ्रेट कल्चर खत्म हो। इन्हीं मांगों पर चर्चा करने के लिए डॉक्टरों ने मनोज पंत को ईमेल भेजकर एक और मीटिंग की मांग की थी।
CM ममता ने की थी काम पर लौटने की अपील
पहले दौर की हुई बातचीत के बाद CM ममता बनर्जी ने दावा किया था कि उन्होंने डॉक्टरों की 99% मांगों को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत समेत डीएमई, डीएचएस और स्वास्थ्य के प्रधान सचिव को हटाने की मांग मान ली थीं। CM ममता ने इस दौरान मांग की थीं जूनियर डॉक्टर हड़ताल खत्म कर काम पर लौट जाएं।
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