केतन पारेख (Ketan Parekh) ने जिस विदेशी निवेशक के सौदों में फ्रंट-रनिंग ट्रेड (Front-Running Trade) किया था, वह अमेरिकी इनवेस्टमेंट फर्म टाइटर ग्लोबल (Tiger Global) थी। एक्सचेंज पर मौजूद आंकड़ों से इसकी पुष्टि होती है। शेयर बाजार की रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने एक दिन पहले 2 जनवरी को इस फ्रंट-रनिंग घोटाले का भंड़ाफोड़ किया था। हालांकि सेबी ने अपने अंतरिम आदेश में ‘टाइटर ग्लोबल’ का नाम लिया था