DRDO के चेयरमैन समीर वी कामत ने कहा कि एयरो-इंजन विकसित करने में काफी लंबा समय लगता है। उन्होंने बताया कि दुनिया में कहीं भी कोई नया इंजन पूरी तरह तैयार होकर किसी विमान में इस्तेमाल होने लायक बनने में 10 से 13 साल लगा देता है। उन्होंने कहा कि अगर इस साल CCS से मंजूरी मिल जाती है, तो नया इंजन 2035–36 तक पूरी तरह तैयार हो सकता है