जून 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स के पास 53.33 करोड़ ग्राहक थे और भारत के वायरलेस डेटा ट्रैफिक में इसकी हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत थी। जियो के पास 26,800.8 MHz के साथ भारत का सबसे बड़ा स्पेक्ट्रम बैंक है। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन ने भी इस सकारात्मक माहौल को और मजबूत किया है। वित्त वर्ष 2016 से वित्त वर्ष 2026 के बीच, जियो प्लेटफॉर्म्स का रेवेन्यू बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये और EBITDA बढ़कर 73,400 करोड़ रुपये हो गया। मोबाइल कनेक्टिविटी के अलावा, जियो होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और AI-बेस्ड सर्विसेज को भी बढ़ा रही है। कंपनी अपने टेलीकॉम प्लान्स में OTT एंटरटेनमेंट, क्लाउड स्टोरेज, गेमिंग और AI-बेस्ड सर्विसेज को एक साथ (बंडल करके) देने पर भी जोर दे रही है। जियोफाइबर और जियोएयरफाइबर के जरिए कंपनी भारत में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की कम पहुंच का फायदा उठाने की स्थिति में है। जून 2026 तक, कंपनी के पास 2.86 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहक थे। जियो ने अपना खुद का (Proprietary) 5G स्टैंडअलोन स्टैक विकसित किया है और 4G, 5G, 6G, AI व डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में 7,220 पेटेंट आवेदन दाखिल किए हैं।