ईटीएफ को सोने-चांदी की सप्लाई करने वाले एक प्राइवेट बैंक डीलर के मुताबिक यह चौंकाने वाला फैसला है क्योंकि पिछले दो महीनों में सोने और चांदी का आयात पिछले साल के मुकाबले काफी कम हुआ है। हालांकि एक डीलर का कहना है कि यह अक्टूबर में आयात में होने वाली भारी बढ़ोतरी को रोकने के लिए एक एहतियाती कदम है। अक्टूबर महीने में दशहरा और फिर नवंबर में दिवाली है तो ऐसे में फेस्टिव खरीदारी बढ़ सकती है। पिछले साल फेस्टिव सीजन में सोने और चांदी के ईटीएफ में धड़ाधड़ निवेश आया था। बता दें कि देश में गोल्ड की मांग का अधिकतर हिस्सा आयात होता है और इससे इंपोर्ट बिल बढ़ता है।