Jammu & Kashmir: नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला आज (16 अक्टूबर) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह दूसरी बार होगा जब वह जम्मू-कश्मीर में बतौर सीएम कार्यभार संभालेंगे। इसी के साथ वह केंद्र शासित राज्य के पहले सीएम के तौर पर अपना नाम दर्ज करा लेंगे।
जम्मू-कश्मीर में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आज है। उमर अब्दुल्ला मुख्यमंत्री के तौर पर सुबह साढ़े 11 बजे शपथ लेंगे। इस दौरान उनके साथ 9 और मंत्री शपथ ले सकते हैं। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव समेत कई बड़े नेता इस समारोह का हिस्सा बनेंगे।
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पहले सीएम बनेंगे उमर
NC उपाध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के मनोनीत मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस मौके पर कहते हैं कि जम्मू-कश्मीर में 6 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले वह आखिरी मुख्यमंत्री थे। अब केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री बनेंगे। अब उमर अब्दुल्ला सरकार की कोशिश रहेगी कि वह लोगों के उम्मीदों पर खरा उतरें।
‘मैं 6 साल का कार्यकाल पूरा करने वाला आखिरी CM था’
उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘मैं 6 साल का कार्यकाल पूरा करने वाला आखिरी मुख्यमंत्री था। अब मैं केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का पहला मुख्यमंत्री बनूंगा। 6 साल तक सेवा की, मैं इससे काफी खुश हूं। मुझे उम्मीद है कि केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा अस्थायी है। हम लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए भारत सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं और ऐसा करने का सबसे अच्छा तरीका जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करके शुरू करना होगा। बहुत कुछ करना है, लोगों को एक हौसला देना है कि उनकी हुकूमत है, उनकी आवाज सुनी जाएगी। 5-6 साल हो गए कोई लोगों को सुनने के लिए तैयार नहीं था। हमारा फर्ज बनेगा कि हम उनकी बात सुने और उस पर अमल करें। हमारी कोशिश रहेगी कि हम लोगों के उम्मीदों के बराबर आएं।’
अब क्यों पांच के मुख्यमंत्री बनेंगे उमर अब्दुल्ला?
बता दें कि तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के 2019 में निरस्त होने के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव हुए। इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और 90 सीटों वाली विधानसभा में 42 सीटें जीतीं। इसी के साथ उमर अब्दुल्ला केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में पांच साल का कार्यभार संभालेंगे।
मालूम हो कि भारत में मुख्यमंत्री का कार्यकाल आमतौर पर पांच साल का होता है। हालांकि 370 हटने से पहले जम्मू-कश्मीर में सीएम का कार्यकाल 6 साल का हुआ करता था। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 निरस्त करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया।
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