इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स की इनकम, खर्च, बैंक ट्रांजेक्शन, सिक्योरिटीज से जुड़े ट्रांजेक्शन और कैपिटल गेंस की जांच के लिए डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इसका मतलब है कि डेटा एनालिटिक्स की मदद से पलक झपकते टैक्स चोरी की कोशिश या गलत डेटा के इस्तेमाल जैसे मामले पकड़ में आ जाएंगे