(खबरें अब आसान भाषा में)
पिछले 4-5 सालों में आईपीओ में आम लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। खासकर बड़ी संख्या में युवा आईपीओ को फटाफट कमाई का जरिया मानने लगे हैंं। हालांकि, बीते 1-2 सालों में ऐसे कई आईपीओ आए हैं, जिनमें बोली लगाने वाले रिटेल इनवेस्टर्स को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है