फैक्टर इन्वेस्टिंग में कुछ खास खूबियों के आधार पर शेयरों में निवेश किया जाता है। जैसे, इसके चहत वैल्यू, क्वालिटी, मोमेंटम, लो वोलैटिलिटी और साइज के आधार पर निवेश किया जाता है। इसमें सिर्फ कंपनी के साइज पर नहीं, बल्कि उसके खास फैक्टर पर फोकस होता है। फैक्टर इन्वेस्टिंग और एक्टिव फंड्स की तुलना करें तो एक्टिव फंड्स में फंड मैनेजर के फैसले अहम होते हैं। वहीं, फैक्टर फंड्स तय नियमों और डाटा पर फैसले लेते हैं। इसका फायदा यह है कि फैक्टर फंड्स में फंड मैनेजर की मनमानी कम होती है। फैक्टर इन्वेस्टिंग Vs सामान्य इंडेक्स की बात करें तो सामान्य इंडेक्स में कंपनियों का वेटेज मार्केट कैप से तय होता है। वहीं, फैक्टर इंडेक्स में वैल्यू, क्वालिटी, मोमेंटम को प्राथमिकता मिलती है।