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ज्यादातर सासंदों यहां तक कि कांग्रेस के सासदों ने भी सिंधु जल संधि की आलोचना की थी। 30 नवंबर, 1960 का दिन लोकसभा में IWT पर चर्चा के लिए तय किया गया। तब सांसदों की राय काफी विभाजित दिखी। सरकार के इस संधि के फैसले का विरोध कई सासंदों ने किया