कच्चे तेल में उबाल के बावजूद आम लोगों पर तेल की महंगाई का बोझ नहीं डाला गया है। तेल बेचने वाली सरकारी कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के भाव नहीं बढ़ाए। इसके चलते उन्हें हर लीटर पेट्रोल पर ₹18 और डीजल पर ₹35 का घाटा हो रहा है। जानिए एक्साइज ड्यूटी घटाने से क्या फर्क पड़ा और यह पूरा हटकर जीरो हो जाए तो क्या असर पड़ेगा