(खबरें अब आसान भाषा में)
उपभोक्ता मामलों का विभाग जरूरी चीजों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अन्य स्टेकहोल्डर्स- थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, निर्यातकों आदि के साथ मीटिंग्स भी कर रहा है। जरूरत पड़ने पर सरकार एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट, 1995 के प्रावधानों को भी लागू कर सकती है