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यूनियन बजट 2026 में पेश प्रस्ताव के मुताबिक, अगर टैक्सपेयर्स अपने अकाउंट्स का ऑडिट नहीं कराता है और ऑडिटेड रिपोर्ट सब्मिट नहीं करता है तो एक महीने तक की देरी पर उसे 75,000 रुपये की फीस चुकानी होगी। उसके बाद उसे 1,50,000 रुपये की फीस चुकानी होगी