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ऐसा टैक्सपेयर जिसकी टैक्स लायबिलिटी फाइनेंशियल ईयर में 10,000 रुपये से ज्यादा होने की संभावना है, उसे एडवान्स टैक्स चुकाना जरूरी है। एडवान्स टैक्स के बारे में इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 208 में बताया गया है