भारत में मानसून मुख्य रूप से दो तरह का होता है, जिनमें दक्षिण-पश्चिम मानसून सबसे अहम माना जाता है। ये आमतौर पर जून से सितंबर के बीच सक्रिय रहता है और केरल के रास्ते देश में प्रवेश करने के बाद धीरे-धीरे अलग-अलग हिस्सों में पहुंचता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के मौसम और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद जरूरी है। इससे गर्मी से राहत मिलने के साथ बारिश होती है, जिसका सीधा फायदा खेती-किसानी को मिलता है। खासकर खरीफ फसलों के लिए यह बारिश बेहद महत्वपूर्ण होती है और इसका असर देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरण पर भी पड़ता है।