बैंक ओनरशिप और कंट्रोल को लेकर आरबीआई के नियमों के मुताबिक कोई प्रमोटर एंटिटी एक समय में दो प्रतिस्पर्धी बैंक नहीं चला सकती है। ऐसे में अगर आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी खरीदने के लिए फेयरफैक्स को मंजूरी मिलती है तो इसे या तो सीएसबी बैंक में हिस्सा बेचना होगा या आईडीबीआई बैंक के साथ विलय का रास्ता निकालना होगा यानी कि इंटीग्रेशन प्रोसेस और अधिक कॉम्प्लेक्स हो सकता है। सीएसबी बैंक बात करें तो इसमें फेयरफैक्स इकलौती प्रमोटर एंटिटी है और बाकी 60% पब्लिक शेयरहोल्डर्स हैं। सितंबर तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से इसमें म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 13.15% है। साथ ही ₹2 लाख तक के निवेश वाले करीब 63 हजार खुदरा निवेशकों की इसमें 12.56% हिस्सेदारी है।