शेयर पर्चेज एग्रीमेंट के तहत निवेश की गई पूंजी तीन साल के लिए लॉक रहेगी। दो साल के अंदर LIC को आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 15 फीसदी तक लानी होगी। आरबीआई के नियम के तहत ऐसा करना जरूरी है। DIPAM सेक्रेटरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस साल दिसंबर तक शेयर पर्चेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हो जाने की उम्मीद है।