कैश लेजर में पड़े अतिरिक्त बैलेंस का रिफंड भी पूरी तरह ऑटोमैटिक होगा। इसमें अधिकारी के दखल की जरूरत नहीं होगी। इसका फायदा खासकर एक्सपोर्टर्स और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत काम करने वाले कारोबारियों को मिल सकता है। करीब 65% रिफंड क्लेम एक्सपोर्ट या इनवर्टेड रेट से जुड़े हैं, जबकि 19% क्लेम कैश लेजर में पहले से पड़े बैलेंस से जुड़े हैं।