(खबरें अब आसान भाषा में)
अभी बीमा कंपनियां कई तरह के इनपु्ट्स सर्विसेज पर 8-10 फीसदी ITC क्लेम करती हैं। इससे उनकी कॉस्ट कुछ हद तक घट जाती है। जीएसटी के साथ ITC को हटा लेने से कंपनियों को इनपुट कॉस्ट का पूरा बोझ खुद उठाना होगा। ऐसे में वे पॉलिसी का प्रीमियम तय करने में इस कॉस्ट को शामिल कर सकती हैं