(खबरें अब आसान भाषा में)
लेफ्टिनेंट जनरल सुमेर इवान डी’कुन्हा ने बताया कि, पाकिस्तानी सेना की ओर से नागरिक और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने की आशंका पहले ही भांप ली गई थी। हम जानते थे कि वे हमारे धार्मिक स्थलों और आम जन को निशाना बनाएंगे। ऐसे में स्वर्ण मंदिर जैसे पवित्र स्थल की रक्षा करना जरूरी हो गया था।