इस स्टार्टअप के पीछे कोई काल्पनिक समस्या नहीं, बल्कि कृष्णा का अपना अनुभव है। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद जब उन्होंने न्यूयॉर्क में काम शुरू किया, तो उन्हें महसूस हुआ कि इतने बड़े शहर में रहने के बावजूद नए प्रोफेशनल लोगों से मिलना आसान नहीं था। यहीं से उनके मन में सवाल आया कि अगर उन्हें नई कम्युनिटी बनाने में परेशानी हो रही है, तो युवा प्रोफेशनल्स के लिए यह समस्या कितनी बड़ी होगी? इसी सोच ने Clockout का रास्ता तैयार किया।