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विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत घरेलू बुनियादों के कारण स्थिर बनी हुई है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों के चलते वित्त वर्ष 2026-27 में चुनौतियां बढ़ने की आशंका है। पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न व्यवधानों का असर आने वाले महीनों में आर्थिक आंकड़ों में धीरे-धीरे दिखाई देना शुरू होगा