(खबरें अब आसान भाषा में)
FPI’s Selling in March: पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर अनिश्चितता, बाजार में हालिया करेक्शन, कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि और रुपये की गिरावट ने FPI की बिकवाली में योगदान दिया है। ग्लोबल निवेशक अमेरिकी डॉलर जैसे सुरक्षित एसेट्स की ओर शिफ्ट हो गए हैं