(खबरें अब आसान भाषा में)
मेहता इक्विटीज के प्रशांत तापसे का कहना है कि अमेरिका द्वारा रूसी तेल निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से रुपया डॉलर के मुकाबले नये निचले स्तर पर पहुंच गया, जिसके कारण घरेलू शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई। रुपए में कमजोरी बढ़ने के साथ ही विदेशी निवेशक स्थानीय शेयर बाजार से दूर होते जा रहे हैं