आज के समय में घर का लोन, कार की EMI, पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड बिल हर महीने की सैलरी का बड़ा हिस्सा खा जाते हैं। नतीजा यह होता है कि महीने की शुरुआत में ही जेब खाली महसूस होने लगती है और बाकी खर्चों के लिए हाथ तंग पड़ जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कितना कर्ज लेना सही है? इसका जवाब देता है Debt-to-Income Ratio (DTI)।