Russian Oil Imports India: जयशंकर ने स्पष्ट किया कि तेल कंपनियों के फैसले पूरी तरह से व्यापारिक होते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जैसे यूरोप की कंपनियां उपलब्धता, लागत और जोखिम को देखती हैं, वैसे ही भारतीय कंपनियां भी अपने हित में फैसले लेती हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया अब 2022 या 2023 में नहीं है। हालात बदल रहे है और हर देश अपनी सुविधा के अनुसार फैलसे ले रहा है