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प्रिंसिपल डॉ. प्रत्यूष वत्सला ने बताया कि, यह किसी अंधविश्वास से नहीं जुड़ा है बल्कि यह एक वैज्ञानिक शोध का हिस्सा है। यह प्रोजेक्ट हमारे एक फैकल्टी मेंबर द्वारा शुरू किया गया है। डॉ प्रत्यूष ने कहा कि अभी प्रोजेक्ट शुरुआती चरण में है और एक हफ्ते बाद वह इस रिसर्च का पूरा डेटा और नतीजे सामने रखेंगी