(खबरें अब आसान भाषा में)
रुपये में डॉलर के मुकाबले जिस तरह से कमजोरी आई है, वह इनवेस्टर्स, कंज्यूमर्स और ज्यादातर कारोबारियों के लिए अच्छी खबर नहीं है। इससे इनवेस्टर्स को निवेश पर मिलने वाला रियल रिटर्न घट सकता है। इंपोर्ट की कॉस्ट बढ़ने से चीजें महंगी हो सकती हैं