लोकसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में प्रचार करने को लेकर उन्हें कुछ समय के लिए जमानत मिली थी। बाद में पिछले साल सितंबर में उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रवेश नहीं करने समेत कई दूसरी शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दी गई थी। उन्होंने दो दिन बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और कहा कि वह तभी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगे, जब जनता उन्हें ईमानदार घोषित करेगी