प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने हांगकांग और चीन को 4,800 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की कथित विदेशी रकम अवैध रूप से भेजने से जुड़े धनशोधन के एक मामले में दिल्ली के दो आयातक भाइयों को गिरफ्तार किया है। उसने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में 25 नवंबर को मयंक डांग और तुषार डांग को धनशोधन रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया। उसने बताया कि एक स्थानीय अदालत ने उन्हें बृहस्पतिवार तक के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया।
इससे पहले, मणिदीप मागो और संजय सेठी को जांच के तहत गिरफ्तार किया गया था। यह मामला 4817 करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी रकम ‘अवैध रूप से’ चीन और हांगकांग भेजने से जुड़ा है। यह (4817 करोड़ रुपये) राशि कम बिल दिखाकर किये गये आयात के सिलसिले में क्षतिपूर्ति के वास्ते ‘फर्जी’ एवं ‘जाली’ बिलों के तहत भेजी गयी थी।
संघीय जांच एजेंसी ने बताया कि
संघीय जांच एजेंसी ने बताया कि डांग बंधुओं ने भारतीय आयातकों, अंतरराष्ट्रीय हवाला एजेंटों, कई चीनी विनिर्माताओं एवं आपूर्तिकर्ताओं तथा चीन के विभिन्न शहरों में गोदामों की श्रृंखला का एक संगठित गिरोह (सिंडिकेट) बना रखा था। उसने बताया कि डांग परिवार इस सिंडिकेट के ‘मिस्टर किंग’ नामक एक महत्वपूर्ण चीनी सदस्य की ‘मिलीभगत’ से कई विदेशी कंपनी चलाता था तथा ‘मिस्टर किंग’ चीनी विनिर्माताओं एवं आपूर्तिकर्ताओं से चीजें खरीदने के बाद उन्हें गोदामों में एकत्र कर रखता था और ये चीजें बाद में उन कंपनियों को निर्यात कर दी जाती थीं जो डांग परिवार के नियंत्रण में होती थीं।
ईडी ने आरोप लगाया कि डांग बंधुओं द्वारा आयात की जाने वाली चीजें का ‘बिल बहुत कम’ दिखाया जाता था और उसकी क्षतिपूर्ति के लिए मागो और सेठी के मार्फत भुगतान की जाती थी।
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