Delhi Chhath Puja: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हवा के अलावा यमुना का पानी भी जहरीला हो गया है। CPCB (Central Pollution Control Board) के अनुसार, गुरुवार की सुबह कई इलाकों में वायु गुणवत्ता बहुत खराब रही। AQI भी बहुत खराब श्रेणी में रहा। दूसरी ओर यमुना की सतह पर भी जहरीली झाग की मोटी परत देखी गई। दोहरे प्रदूषण के बीच दिल्लीवासी आज छठ पूजा की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में छठ पूजा के लिए घाटों की तैयारी को लेकर सत्तारूढ़ आप और विपक्षी भाजपा के बीच कई दिनों से राजनीतिक लड़ाई चल रही है। ऐसे में दिल्ली सरकार ने मंगलवार, 5 नंवबर को छठ के मौके पर राजधानी में छुट्टी का ऐलान कर दिया। गौरतलब है कि इस साल छठ पूजा आज यानि 7 नवंबर को हो रही है। इस पर्व को खासतौर पर बिहार से आए प्रवासी और पूर्वी यूपी के लोग बड़े ही आस्था के साथ मनाते हैं। ऐसे में इस बार छठ के महापर्व को यमुना के जहरीले पानी और दिल्ली की प्रदूषित हवा ने किरकिरा कर दिया। इस बार यमुना के पानी के जहरीले होने की वजह से इसमें डुबकी लगाना काफी खतरनाक हो सकता है।
दिल्ली में बनाए गए एक हजार से अधिक घाट
वहीं आप सरकार ने सुनिश्चित किया कि पूर्वांचल के लोगों को छठ पूजा के लिए राष्ट्रीय राजधानी छोड़ना न पड़े। आतिशी ने बताया कि दिल्ली की आप सरकार ने एक हजार से अधिक घाट बनवाएं हैं ताकि लोग इस महापर्व को मना सकें।
सीएम आतिशी ने 5 नवंबर को बताया कि शहर के प्रमुख घाटों पर पानी, शौचालय, चिकित्सक और एंबुलेंस सहित सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं ताकि पूर्वांचली इस महापर्व को मना सकें।
‘AAP सरकार से पहले सिर्फ 60 छठ घाट होते थे…’
आतिशी ने कहा कि दिल्ली की आप सरकार ने एक हजार से अधिक घाट बनवाएं हैं ताकि लोग इस महापर्व को मना सकें। आम आदमी पार्टी 10 साल से दिल्ली की सत्ता में है और उसने सुनिश्चित किया है कि पूर्वांचल के लोगों को छठ मनाने के लिए शहर को छोड़ना नहीं पड़े। आप सरकार के आने से पहले केवल 60 छठ घाट होते थे लेकिन आज एक हजार से अधिक घाट बनाए जा रहे हैं ताकि लोग इस त्योहार को मना सकें।
भगवान सूर्य को समर्पित है छठ पूजा
बता दें कि छठ पूजा भगवान सूर्य को समर्पित है और यह चार दिन का पर्व है। इस त्योहार की शुरुआत ‘नहाय-खाय’ से होती है जिसके तहत व्रती साफ-सफाई के साथ व्रत का संकल्प लेता है और प्रसाद के तौर पर ‘चने की दाल’ और ‘कद्दू भात’ ग्रहण करता है।
छठ के पहले दिन श्रद्धालुओं ने यमुना में लगाई थी डुबकी
पर्व के पहले दिन मंगलवार को जहरीले झाग की मोटी परत के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में डुबकी लगाई थी। कालिंदी कुंज क्षेत्र में श्रद्धालुओं के प्रदूषित नदी में स्नान करने से स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हो गईं।
दिल्ली में रह रहे पूर्वांचली समुदाय के लिए छठ पूजा एक महत्वपूर्ण त्यौहार है, जिसमें उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के भोजपुरी-मैथिली और मगही भाषी निवासी शामिल हैं। यह समुदाय दिल्ली में मतदाताओं के 30-40 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है, जहां अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
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