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24 दिसंबर से 10 जनवरी की सुबह तक, ठगों ने दंपती को लगातार वीडियो कॉल के जरिए निगरानी में रखा। पुलिस इस तरीके को “डिजिटल अरेस्ट” कह रही है। इस दौरान आरोपियों ने दबाव बनाकर डॉ. इंदिरा तनेजा से अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। राशि कभी 2 करोड़ रुपये तो कभी 2.10 करोड़ रुपये से ज्यादा थी