Cyclone Dana: ओडिशा और पश्चिम बंगाल में चक्रवात ‘दाना’ का खतरा मंडरा रहा है। ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में गुरुवार, 24 अक्टूबर को दस्तक देने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि इस चक्रवात के हवा की गति 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है और यह चक्रवात भारी तांडव मचा सकता है। ऐसे में इसे लेकर मौसम विभाग की ओर से चेतावनी भी जारी कर दी गई है।
वहीं इस चक्रवात ‘दाना’ के खतरे से निपटने के लिए एनडीआरएफ, सेना, नौसेन और तटरक्षक बल की टीमें तैनात है। इसके अलावा ओडिशा सरकार ने प्रभावित होने वाले जिलों से तकरीबन 10 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की योजना बना रखी है। इतना ही नहीं राज्य में 6 हजार से अधिक चक्रवात आश्रय स्थल भी तैयार किए गए हैं।
150 से ज्यादा ट्रेनें रद्द
जानकारी के अनुसार, चक्रवात के मद्देनजर ओडिशा सिविल सेवा परीक्षा 2023 की प्रारंभिक परीक्षा रद्द कर दी गई है। इसके अलावा पर्यटकों के घूमने की जगह नंदनकानन चिड़ियाघर को भी दो दिन (24-25 अक्टूबर) के लिए बंद कर दिया गया है। वहीं दक्षिण पूर्व रेलवे क्षेत्र से होकर जाने वाली लगभग 150 से ज्यादा एक्सप्रेस और यात्री रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया गया है। 24 अक्टूबर की रात आठ बजे से लेकर 25 अक्टूबर की सुबह लगभग 10 बजे तक सिलादह स्टेशन से कोई लोकल ट्रेन नहीं चलेगी। जानकारी है कि चक्रवात के चलते सिर्फ रेलवे ही नहीं बल्कि फ्लाइटें भी प्रभावित होंगी। ऐसे में करीब 15 घंटों तक इसका असर फ्लाइटों पर देखने को मिल सकता है।
उड़ानों का परिचालन रहेगा ठप
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, ‘कोलकाता सहित पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र पर चक्रवात ‘दाना’ के प्रभाव को देखते हुए कोलकाता में भारी हवाओं और भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी के कारण 24 अक्टूबर को 1800 IST से 25 तक 0900 IST तक उड़ान संचालन को निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।’
कब होगा चक्रवात ‘दाना’ का लैंडफॉल?
IMD ने कहा कि चक्रवात के दस्तक देने की प्रक्रिया 24 अक्टूबर की रात से शुरू होगी और 25 अक्टूबर की सुबह तक जारी रहेगी। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि चक्रवात के दस्तक देने के दौरान अधिकतम गति लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि चक्रवात की दस्तक प्रक्रिया धीमी होती है, जिसमें आमतौर पर 5-6 घंटे लगते हैं।
वैज्ञानिक ने की सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील
भुवनेश्वर में स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक उमाशंकर दास ने बताया कि चक्रवात के तट पर पहुंचने के दौरान दो मीटर ऊंची लहरें उठने का अनुमान है और चक्रवात 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तट से टकराएगा। दास ने चेतावनी दी कि केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर जिलों के निचले इलाकों में पानी भर जाने की आशंका है। उन्होंने सरकार से इन क्षेत्रों से निवासियों को हटाने और सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का अनुरोध किया।
सुरक्षा के लिए उठाए गए कई एहतियाती कदम
वहीं रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि चक्रवात ‘दाना’ 24-25 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों पर पहुंचने का अनुमान है, इसलिए तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर-पूर्व) ने समुद्र में जान-माल की सुरक्षा के लिए कई एहतियाती कदम उठाए हैं। तटरक्षक ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जहाजों, विमानों और रिमोट ऑपरेटिंग स्टेशन को मछुआरों और नाविकों को मौसम की नियमित चेतावनी और सुरक्षा सलाह प्रसारित करने का काम सौंपा है। बयान में कहा गया है कि ये अलर्ट सभी मछली पकड़ने वाले जहाजों को लगातार भेजे जा रहे हैं, और उनसे तुरंत किनारे पर लौटने और सुरक्षित आश्रय लेने का आग्रह किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: सब्जी बेचने वाला निकला सलमान खान से 5 करोड़ की फिरौती मांगने वाला शख्स, जमशेदपुर से हुई गिरफ्तारी