Currency Check : कमजोर घरेलू बाजारों और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मामूली तेजी के कारण आज भारतीय रुपये में गिरावट आई। घरेलू बाजारों में निराशाजनक व्यापार घाटे के आंकड़ों ने भी रुपये पर दबाव डाला। भारत का व्यापार घाटा दिसंबर 2024 में 21.94 अरब डॉलर की तुलना में जनवरी 2025 में बढ़कर 22.9 अरब डॉलर हो गया