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मद्रास हाईकोर्ट के इस फैसले का मतलब है कि क्रिप्टो एसेट्स को भारत में उसी तरह का प्रोटेक्शन मिलेगा, जैसा दूसरी अचल संपत्ति (Property) को मिलता है। हालांकि, यह मद्रास हाईकोर्ट का अंतरिम ऑर्डर है। लेकिन, इससे क्रिप्टोकरेंसी के निवेशकों को बड़ी राहत मिलेगी