(खबरें अब आसान भाषा में)
Crude sensitive stocks : कच्चे तेल की कीमतों में 115 डॉलर प्रति बैरल से ज़्यादा की तेज़ बढ़ोतरी से इनपुट कॉस्ट बढ़ने और महंगाई का दबाव फिर से बढ़ने का डर बढ़ गया है। इस के चलते सबसे ज़्यादा नुकसान इंडिगो के शेयरों में देखने को मिल रहा है