क्रूड प्राइस का हाई लेवल पर बने रहना भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है। भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी क्रूड इंपोर्ट करता है। क्रूड की कीमतें बढ़ने पर भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ जाता है। पहले से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को कॉस्ट से कम प्राइस पर पेट्रोल और डीजल बेचने से रोजाना करोड़ों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पहले ही चार बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा चुकी हैं।