Cinema Ka Flashback: साल 1964 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘आई मिलन की बेला’ में धर्मेंद्र ने अपने करियर का बड़ा जोखिम उठाते हुए पहली बार नेगेटिव रोल निभाया था। उनके दमदार अभिनय का जादू ऐसा चला कि वे फिल्म के मुख्य नायक राजेंद्र कुमार पर भी भारी पड़ गए और इसी सफलता ने धर्मेंद्र के लिए आगे चलकर लीड हीरो के तौर पर ढेरों फिल्मों के रास्ते खोल दिए।