कश्मीर में 40 दिनों की कड़ी सर्दी का दौर चिल्लई कलां शुरू हो गया है, जिसमें ठंड अपने चरम पर रहती है। चिल्ला-ए-कलां के दौरान तापमान अक्सर शून्य से नीचे चला जाता है और ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी होती है। लगातार होने वाली बर्फबारी के कारण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है और सड़क संपर्क में भी बार-बार दिक्कतें आती हैं