चाबहार प्रोजेक्ट को गिरफ्त में लेने वाले प्रतिबंधिक को अमेरिका ने सितंबर 2025 में वापस ले लिया। इससे पहले भारत को एक सशर्त छूट दी थी जो 26 अप्रैल, 2026 को खत्म हो रही थी। भारत सरकार ने तब से कहा है कि वह इसके असर पर स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत कर रहा है। इससे पहले ईटी ने रिपोर्ट किया था कि नई दिल्ली एक ऐसी व्यवस्था पर भी चर्चा कर रही है जिसके तहत एक स्थानीय ईरानी पोर्ट्स अथॉरिटी चाबहार को मैनेज कर सकती है, जिसमें अमेरिकी प्रतिबंध हटने पर ऑपरेशनल राइट्स भारत को वापस करने के कानूनी प्रोविजन होंगे।