सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 6 के छात्रों को एक और छूट भी दी है। जो लोग पहले से ही दो दूसरी भाषाएं पढ़ रहे हैं, उन्हें वही कॉम्बिनेशन जारी रखने और अपनी तीसरी भाषा के तौर पर एक और भारतीय भाषा लेने की इजाजत होगी। इसका मतलब है कि ऐसे छात्रों को नई भाषा नीति के तहत जरूरी दो क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने के लिए अपनी मौजूदा भाषाओं में से किसी को भी छोड़ना या बदलना नहीं पड़ेगा। इन निर्देशों की बदौलत कक्षा 6 के छात्र, सीबीएसई की तीन भाषा नीति के तहत मिलने वाली छूट और फ्लेक्सिबिलिटी के मामले में मौजूदा कक्षा 7 और 8 बैच के बराबर आ गए हैं।