पिछले एक साल से निवेशक इंश्योरेंस स्टॉक को लेकर काफी सावधानी बरत रहे हैं। रेगुलेटरी मार्चे पर जारी अनिश्चितता और मार्जिन को लेकर दबाव की वजह से ऐसा देखने को मिला है। इन शेयरों में निवेशकों का भरोसा बहाल हो सके, इसके लिए एक्सपर्ट्स बजट 2025 की तरफ देख रहे हैं। बजट में रिटेल और हेल्थ इंश्योरेंस पर जीएसटी रेट में बदलाव, इंश्योरेंस एक्ट में संशोधन और पर्सनल या कॉरपोरेट टैक्स नीतियों को लेकर कई बातें स्पष्ट की जा सकती हैं