(खबरें अब आसान भाषा में)
सरकार ने पिछले साल जुलाई में पेश बजट में सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स बढ़ाने का ऐलान किया था। इसका मकसद फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में रिटेल इनवेस्टर्स की बड़ती दिलचस्पी पर अंकुश लगाना था। एसटीटी बढ़ने का सीधा असर ट्रेडिंग वॉल्यूम पर पड़ा है