मनमोहन सिंह के रिफॉर्म्स का काफी ज्यादा असर देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर देखने को मिला। एक साल में विदेशी मुद्रा भंडार दोगुना हो गया। करीब 10 साल यानी 2001-02 तक यह छह गुना (54 अरब डॉलर) हो गया। उन्होंने इंडिया को उस बड़ी क्राइसिस में जाने से रोक लिया था, जैसी क्राइसिस में 2022 में श्रीलंका जाने को मजबूर हो गया